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Sanjay Bhandari

Drama

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Sanjay Bhandari

Drama

टेक्नोलॉजी

टेक्नोलॉजी

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आइस ऐज का गया जमाना, ग्लोबल वार्मिंग का बोलबाला है।

गिल्ली डंडे हुए पुराने, अब गेमिंग कंसोल्स से दिल बहलाना है।

 

डिजिटल कैमराआये हैं, और कैमेरा रोल अब गायब है,

इडियट बॉक्स हो गया है स्मार्ट, दुबला पर लंबा चौड़ा है।

 

लैंडलाइन तो खो गई है, मोबाइल अब हर हाथ में है,

कैलकुलेटर, कैमरा, कंपास, सब मोबाइल में ही समाये हैं।

 

आटोमेटिक सब प्रोसेस है, हर काम के लिए एक ऐप है,

खाना मँगाओ झोमाटो से, और दवाई मँगाओ 1 एमजी से।

 

सोशल सर्किल अब इलेक्ट्रॉनिक है, फेसबुक इंस्टा, स्नेपचैट पे

फोकस की बात ना करो, व्हाट्स एप का डिस्ट्रेक्शन बड़ा है।

 

शॉपिंग ऑनलाइन होती है, दुकानदार बेचारा परेशान है,

ट्यूशन पढ़ेगा बैजु से, ट्यूशन टीचर की जरूरत ना है।

 

रिश्तेदारों की जरूरत नही है, दिल बहलाने को एलेक्सा है

हॉलिडे पे क्यूँ जाना है, अब वर्चुअल रियलिटी का जमाना है।

 

गाड़ियाँ अबइलेक्ट्रॉनिक है, ड्राइवरलेस जल्द आएगा,

रोबोट करेगा काम आपके, इंसान बस हुक्म चलाएगा।

 

इंसान सोचे मैं मालिक उसका, पर अब हम इसके गुलाम है,

जीना मुश्किल है टेक्नोलॉजी के बिना, अब ये ही भगवान है।


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