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Kanchan Prabha

Fantasy

4  

Kanchan Prabha

Fantasy

तस्वीर पुरानी

तस्वीर पुरानी

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कभी चाँद सा सुन्दर चेहरा

कभी झील सी गहरी आँखें 

कभी आसमां धानी है तस्वीर पुरानी


किसी की कीमती ख्वाब

तो किसी के मासूम बोल

कहीं मीठी वाणी है तस्वीर पुरानी


यूँ ही गुजर जाने है वक्त

रेत सा फिसलता है दिन

बीते दिनों की कहानी है तस्वीर पुरानी


कभी आम के पेड़ पर 

कभी अम्मा की गोद में 

मेरे बचपन की निशानी है तस्वीर पुरानी 


कभी परियों के रूप में 

कभी मुंडेरों की धूप में 

चंद लम्हों की रवानी है तस्वीर पुरानी


कभी होंठों की मुस्कान

कभी यादों की बारात

बुढ़ापे में हँसी जवानी है तस्वीर पुरानी


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