STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Drama Fantasy

4  

V. Aaradhyaa

Drama Fantasy

थोड़ी सी छाँव रहने दीजिये

थोड़ी सी छाँव रहने दीजिये

1 min
329

ना भौतिकता के बंधन में बांधिये,

इन गाँव को गाँव ही रहने दीजिए !

मत काटो इन बेजुबान जंगलों को,

थोड़ी सी तो ठंडी छाँव रहने दीजिए !


इन्हें मत फँसाओ शहरी शोखी में,

जमीं पर इनके पाँव रहने दीजिए !

कश्तियाँ कभी बालू पर नहीं चलती,

कभी कभी नदी में नाव रहने दीजिए !


आधुनिक ताब आबोहवा से बचाओ,

थोड़ी मनोहर सी ठांव रहने दीजिए !

तरीके ना आज़माओ गाँववालों पर,

शेष कुछ इनके तो दांव रहने दीजिए !


मत पहनाओ नूरानी जामा इन्हें,

कुछ पुरानी आब रहने दीजिए।

मत बिगाड़ो शक़्ल मेरे गाँव की,

बस गाँव को गाँव रहने दीजिए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama