STORYMIRROR

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Drama

4  

निशान्त "स्नेहाकांक्षी"

Drama

तेरी याद हमसफर सुबह शाम !

तेरी याद हमसफर सुबह शाम !

1 min
375

तेरे साथ ही जिया है, मैंने हर वो इक एहसास, 

तेरी याद हमसफर सुबह शाम। 


तू मेरे सुर में, सरगम में, 

घाव भरे उस मरहम में, 

कविता के लफ़्ज़ों में लिख दूँ, तेरा हर कयास, 

तेरी याद हमसफर सुबह शाम। 


शब्दों में अलंकार है जैसे, तू मेरा अभिमान है वैसे, 

नज़्मों से होंठों को छूती, कविता का श्रृंगार है जैसे। 


तेरी धुन पर गाते रहना, अब है मेरा काम, 

तेरी याद हमसफर सुबह शाम। 


धुन- तेरी याद हमसफर सुबह शाम ।

फिल्म- और प्यार हो गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama