STORYMIRROR

Habib Manzer

Romance

2  

Habib Manzer

Romance

तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरे नखरे कितने नाज़ुक

1 min
2.8K


तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी

तुझे देख के दिल धड़का है

मेरे ख्वाबों की तू रानी


तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी


मेरी रूह अभी प्यासी है

उम्मीद थकन तुम मेरी

तुझे देख के मैंने बोला

तू इश्क़मेरा रूहानी


तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी


अभी बात ज़ुबान पर आई

तेरी याद मुझे तड़पाई

तेरे हुस्न का जादू कैसा

दिल करता है नादानी


तेरे नख़रे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी


मेरी रात हसीन है तुमसे

मेरा सुबह सवेरा तुम हो

मेरे सोच में शामिल हो तुम

मेरे दिल की तू ही कहानी


तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी


मुझे छोड़ के तुम जाओगे

मेरी जान निकल जाएगी

तेरे बिन ज़िंदा रहना अब

मेरे पल-पल की परेशानी


तेरे नखरे कितने नाज़ुक

तेरी चाल सनम मस्तानी


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance