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Ratna Pandey

Romance

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Ratna Pandey

Romance

तोड़ दिया मेरा दिल

तोड़ दिया मेरा दिल

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जिससे किया था प्यार उसी ने

तोड़ दिया मेरा दिल,

कैसे करूं विश्वास किसी

पर है बड़ी मुश्किल,


तन मन पूरा वार दिया था,

पूरा उस पर विश्वास किया था

नहीं हुई थी बीच हमारे कोई भी

अनबन, कैसी है उलझन,


चलते चलते साथ, राह हो गई क्यों ओझल,

ना जाने क्यों तोड़ दिया मेरा दिल


चले थे जब साथ ख़ुशियाँ बरसेंगी,

बस यही अरमान होता था,

संग कट जायेगा जीवन

बस यही ख़्वाब होता था


दिया था उसके हाथों में हाथ,

सोचा था लेकर आयेगा बारात

लेकिन निकला वह बुज़दिल

उसी ने तोड़ा मेरा दिल,


क्यों विश्वास किया उस पर

क्या हुआ हासिल,

दो चार कदम संग चलकर ही

भूल गया मंज़िल


तोड़ दिया विश्वास को मेरे,

बन गया मेरा कातिल,

उसी ने तोड़ दिया मेरा दिल,


प्यार की डगर पर कदम

रखना ज़रा संभल कर,

है फूल और काँटे भी,

चुनना ज़रा नज़र भर,


है विश्वास का ये बंधन

निभाना जान भी देकर,

कभी कोई फिर ना कह

पाए है बड़ी मुश्किल


ना जाने क्यों तोड़ दिया मेरा दिल,

ना जाने क्यों तोड़ दिया मेरा दिल।


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