STORYMIRROR

Manoj Godar

Romance Fantasy

4  

Manoj Godar

Romance Fantasy

तेरे ही रंग में

तेरे ही रंग में

1 min
374

 

रंग गए तेरे ही रंग में अब हमारा कुछ भी हो।

जीना मरना तेरे संग में, अब नजारा कुछ भी हो।


तेरी राहों से गुजरने में, हजारों बंदिशें

हम न रोकेंगे कदम को , दर्द सारा कुछ भी हो।


माझी हम भी हो गए हैं तेरी कश्ती में सवार

पार करना या डुबोना अब किनारा कुछ भी हो ।


गर्दिशे किस्मत का हमने, रहनुमा तुमको चुना

हो फकत अंजाम कुछ भी अब सितारा कुछ भी हो।


जबसे तुमने हाथ थामा, न रही परवाह कोई

हमने न देखा पलटकर अब सहारा कुछ भी हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance