STORYMIRROR

Manoj Godar

Romance Tragedy

4  

Manoj Godar

Romance Tragedy

जब से गए हो तुम।

जब से गए हो तुम।

1 min
239

कोई नहीं मेरा यहां जब से गए हो तुम।

गम है घनेरा यहां जब से गए हो तुम।


मुरझाया सवेरा यहां जब से गए हो तुम।

बेबसी का घेरा यहां जब से गए हो तुम।


तन्हाई का बसेरा यहां जब से गए हो तुम।

खुशी ने मुंह फेरा यहां जब से गए हो तुम।


अश्कों का है डेरा यहां जब से गए हो तुम।

न स्वरूप है तेरा यहां जब से गए हो तुम।


हर तरफ अंधेरा यहां जब से गए हो तुम।

दुख दर्द भतेरा यहां जब से गए हो तुम।


रुसवाई का झेरा यहां जब से गए हो तुम।

दिल से तुम्हे टेरा यहां जब से गए हो तुम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance