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निशा परमार

Drama

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निशा परमार

Drama

स्वार्थी इन्सान

स्वार्थी इन्सान

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एक स्वार्थी इन्सान के लिये,

अगर तुम काम के हो तो वो तुमको सहलायेगा ,

और जब जब काम के नहीं रहोगे वो

तब तब तुमको रौन्ध कर चला जायेगा।

ऐसे इन्सान की आँखो में साजिशों के

बेइमान मंसूबे साफ दिखते हैं,

ऐसे इन्सान की बनावटी बातों से

एक नई साजिश के काले रंग साफ झलकते हैं,

क्यूँ कि इन्सान की फितरत नही बदल सकती,

एक गिरगिट की रंग बदलने की आदत नहीं बदल सकती,

ऐसे लोगों से सतर्क रहें

जीवन में ऐसे लोगो के साये से भी बचें,

ऐसे लोगो का पता ही नहीं चलेगा तुमको कि कब अपनी

निम्नता की हद को पार कर जायेंगे,

खुद पार हो करके तुमको डुबा जायेंगे,

ऐसे इन्सान जो लाभ हानि के

पैमाने नापकर रिश्ते बनाते हैं,

उन इन्सानो के लिये कोई रिश्ता खास नहीं होता,

ऐसे इन्सान के मन में खुद के अलावा

किसी के लिये प्यार नहीं होता।


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