STORYMIRROR

Rakhi Tandon

Drama

4  

Rakhi Tandon

Drama

सोचता है मन

सोचता है मन

1 min
393

गैरो का ख्याल रखना शायद आसान 

है बहुत

मगर अपना ख्याल कैसे रखा जाए ये

सोचता है मन


आते जाते विचारों को पंख देना आसान

है बहुत

मगर विचारों को कैसे अपनाया जाए ये

सोचता है मन


इन दौड़ते भागते पलों को

मंजिल देना आसान है बहुत

मगर पलों संग कैसे एकांत में रहा जाए

सोचता है मन


काले घुमडते मेघ को वर्षा की

बूंदें बनाना आसान है बहुत

मगर बूंदों से मन की तपिश कैसे शांत हो

सोचता है मन


तीखी धूप के स्वर्णकणो से चमक पाना आसान है बहुत

मगर स्वर्णकणो के साथ तिमिर को कैसे

हराया जाए सोचता है मन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama