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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

श्याम के मधुबन में जाऊं..!

श्याम के मधुबन में जाऊं..!

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ये मन कहता हैं, 

हां ये मन करता हैं,

तितली बन कर, 

श्याम के मधुबन में जाऊं


यहां पर लौट कर ना आऊं, 

मधुबन में ही कहीं बस जिऊ

संसार तो सब कांटों का हैं, 

तितली बन कर फूल को चाहूं,


मधुबन, मनमोहन रिझाऊं

तितली बनकर मधुबन में जाऊं,

फूल बनकर मोहन को रिझाऊं,

श्याम के मधुबन में जाऊं।


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