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Habib Manzer

Drama

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Habib Manzer

Drama

शिक्षक के नाम

शिक्षक के नाम

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हौसला भर दिया ऐसे दिलमे मेरे

बा खबर कर दिया उसने दिलको मेरे

सोंचने मै लगी अब ग़लत क्या सही

रौशनी भर दिया जेहन व दिलमे मेरे


ये करिशमा करिश्मात करने लगी

हर हुनर दे दिया मुझको सर ने मेरे

अब समझने लगी मै सियासत तेरी

मूल्क तुमसे बढ़े दिलके रग़बत मेरे


आदमी पहले दुनिया से आया नही

फलसफा भर दिया फिर ज़ेहन मे मेरे

मानती मै नही रस्मे दुनिया की अब

हर हक़ीकत बताया है सर ने मेरे


कैसा मंज़र कशी कर दिया ज़ेहन मे

झूठ अब ना सहन होता दिलको मेरे

आज ही मैने देखे कई ख्वाब सच

अब बग़ावत बग़ावत है दिलमे मेरे


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