Chandra prabha Kumar
Fantasy
शीतल छांव
वेत्रवति की
शीतल छाँह तले,
छाया सुखकर
मंद समीर बहे।
सूर्यातप का
वहॉं न बँधता चंदोवा।
मन धीरे धीरे बहता जाए,
यादों में घुलता जाए।
स्वप्नों की स्वर्णिम पाँखें
मन झूमा झूमा जाए,
अपने को भूला जाए।
धीरे धीरे बहता जाए।
हाइकु
सूरज
चेतना विस्तार
श्रीप्रभु के ...
आ बरसो मेघा
आज रक्षाबन्धन
जन जन का प्या...
अमृत महोत्सव
प्रिय मेरा
ऑंवले का वृक्...
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो
कल-कल कलरव तेरा सुन के, चपल चंचल चिड़ियाँ चहकीं। कल-कल कलरव तेरा सुन के, चपल चंचल चिड़ियाँ चहकीं।
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते हैं ! आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते है...
एक दिन ऐसा आएगा जब न्यायालयों से "तारीख" के बजाय वास्तविक न्याय मिलेगा। एक दिन ऐसा आएगा जब न्यायालयों से "तारीख" के बजाय वास्तविक न्याय मिलेगा।
सुरभित साँसों से सौरभ ले, हैं कानन की कलियाँ महकीं। सुरभित साँसों से सौरभ ले, हैं कानन की कलियाँ महकीं।
शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में शबनम की बूँद प्यार के खुमार में भौंरों के गुंजन गान में गुलशन गुलज़ार में
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, तुम तो अब नादाँ नहीं... रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, ...
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा बहाना ना मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा ब...
तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये, तुमसे मिलकर अक्सर नज़रें झुकाते है, हवा से भी नज़रें नहीं मिला पाये,
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी। मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।
कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था! कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था!
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा। उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा।
ज़रूरी नहीं कि कोई रिश्ता एक उम्र जिया जाए एक रिश्ता हमें छुपा लेना चाहिए मेज़ की दराज़ ज़रूरी नहीं कि कोई रिश्ता एक उम्र जिया जाए एक रिश्ता हमें छुपा लेना चाहिए मेज़...
भर दे एहसास अपने होने का कि मैं हूं ना सिर्फ तुम्हारे लिए, स्त्री बस यही तो चाहती ह भर दे एहसास अपने होने का कि मैं हूं ना सिर्फ तुम्हारे लिए, स्त्री बस यही तो ...
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।