Chandra prabha Kumar
Fantasy
शीतल छांव
वेत्रवति की
शीतल छाँह तले,
छाया सुखकर
मंद समीर बहे।
सूर्यातप का
वहॉं न बँधता चंदोवा।
मन धीरे धीरे बहता जाए,
यादों में घुलता जाए।
स्वप्नों की स्वर्णिम पाँखें
मन झूमा झूमा जाए,
अपने को भूला जाए।
धीरे धीरे बहता जाए।
हाइकु
सूरज
चेतना विस्तार
श्रीप्रभु के ...
आ बरसो मेघा
आज रक्षाबन्धन
जन जन का प्या...
अमृत महोत्सव
प्रिय मेरा
ऑंवले का वृक्...
मानव सभ्यता का प्रेरणा स्रोत हूं उपवन में सोहे जैसे फूलों की अनुपम क्यारी। मानव सभ्यता का प्रेरणा स्रोत हूं उपवन में सोहे जैसे फूलों की अनुपम क्यारी।
कभी दिखाती है इस रंगमंच के हसीं पल, लाती है मुस्कराहट जब दिखता है सुनहरा कल। कभी दिखाती है इस रंगमंच के हसीं पल, लाती है मुस्कराहट जब दिखता है सुनहरा कल।
जब भी बात हो उसकी इज्जत की, दिल को दुखा लेना अच्छा होता है। जब भी बात हो उसकी इज्जत की, दिल को दुखा लेना अच्छा होता है।
रूको तड़पाओ न, करीब आओ न। रूको तड़पाओ न, करीब आओ न।
वह शब्द मेरे हर एक पन्ने में सिसक रही है। वह शब्द मेरे हर एक पन्ने में सिसक रही है।
छुप जाते हैं नजारे थक होकर परेशां, छुप जाते हैं नजारे थक होकर परेशां,
थोड़ी सी तो लाज बचा लो धरती के प्रकोप से तीव्र तेज में जल ना जाओ, तुम इस पीले धूप से थोड़ी सी तो लाज बचा लो धरती के प्रकोप से तीव्र तेज में जल ना जाओ, तुम इस पीले ...
ये शाम फिर से शाम हो जाए मौसम थोड़ा सुहाना हो जाए, ये शाम फिर से शाम हो जाए मौसम थोड़ा सुहाना हो जाए,
तुम्हें रोज तो देख नहीं सकता माँ इस बेटे को कभी भूल न जाना तुम्हें रोज तो देख नहीं सकता माँ इस बेटे को कभी भूल न जाना
छूती है जब तेरे मीठे लबों से चाय, दूर कर देती है मेरी दिन भर की थकान। छूती है जब तेरे मीठे लबों से चाय, दूर कर देती है मेरी दिन भर की थकान।
कहीं किसी की सपनों में बसा सेहरे का समां गुजरते लम्हों में पिघलती रात की चाँदनी का सम कहीं किसी की सपनों में बसा सेहरे का समां गुजरते लम्हों में पिघलती रात की चाँ...
मर तो गया था पहली नज़र में तुम्हारी, इस बंदे को ज़िंदा कर दो मिल के इक वारी, मर तो गया था पहली नज़र में तुम्हारी, इस बंदे को ज़िंदा कर दो मिल के इक वारी,
उसकी तस्वीरों से मैं यार बातें मैं करता हूं, गजब का इश्क आजकल वह हमसे करने लगी उसकी तस्वीरों से मैं यार बातें मैं करता हूं, गजब का इश्क आजकल वह हमसे क...
मोहब्बत में इतना कुछ दे के जा रहे है तुम्हें कि, मेरे बाद भी तुमको मेरे नाम से पुकारा मोहब्बत में इतना कुछ दे के जा रहे है तुम्हें कि, मेरे बाद भी तुमको मेरे नाम स...
तुम सबसे खास हो मेरे लिये तुम जैसा ना कोई अपना हो तुम सबसे खास हो मेरे लिये तुम जैसा ना कोई अपना हो
कासा-ए-चश्म-ए-नशा ऐसा है चारासाज़-ए-इलाज बताए कौन। कासा-ए-चश्म-ए-नशा ऐसा है चारासाज़-ए-इलाज बताए कौन।
खुदा की नेमत है कि आज की शाम तेरे साथ बिता रहा हूँ खुदा की नेमत है कि आज की शाम तेरे साथ बिता रहा हूँ
सबका हो कल्याण, हमारा भी बेड़ा पार लगाओ। सबका हो कल्याण, हमारा भी बेड़ा पार लगाओ।
बस अपनी ही सुनो और अपने बनाये नियमों में चलते रहो बस अपनी ही सुनो और अपने बनाये नियमों में चलते रहो
बढा देना क्योंकि - दोस्ती से ज़्यादा महत्त्वपूर्ण और कुछ नहीं है ! बढा देना क्योंकि - दोस्ती से ज़्यादा महत्त्वपूर्ण और कुछ नहीं है !