STORYMIRROR

Pankaj Prabhat

Drama Fantasy

4  

Pankaj Prabhat

Drama Fantasy

तेरी ख्वाबों का गुंजा है,

तेरी ख्वाबों का गुंजा है,

1 min
551

मेरी पलकों के आस पास, तेरी ख्वाबों का गुंजा है,

मेरे मन की बगिया में, तेरी यादों का गुंजा है,

मेरा जीवन पथ काँटो सा, तू इसमे राहत का गुंजा है,

मेरे पुलकित अंतःकरण में, तेरी श्रद्धा का गूंजा है।

मेरी पलकों के आस पास, तेरी ख्वाबों का गूंजा है,


एक आस जगाता हूँ , जिसमे तेरी बाँहों का गुंजा है,

एक राग सजाता हूँ, जिसमे तेरी बातों का गुंजा है,

मेरी साँसों के शोर में, सिर्फ तेरे नाम का गुंजा है,

मेरे हँसने रोने में, तेरे बदलते भावों का गुंजा है।

मेरी पलकों के आस पास, तेरी ख्वाबों का गुंजा है,


मेरी कविता मेरे शेरों में, तेरे हस्ती का गुंजा है,

तेरे होने से मेरे जीवन में, खुशियों का गुंजा है,

मेरे दिन में मेरी रातों में, तेरी चाहों का गुंजा है,

में भटकता हुआ राही, तू मेरी मंज़िलों का गुंजा है।

मेरी पलकों के आस पास, तेरी ख्वाबों का गूंजा है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama