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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Inspirational

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Fantasy Inspirational

सादगी"

सादगी"

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जीवन में यदि तुम प्रण कर लो 

तो ना कुछ भी असंभव यहाँ नहीं है

हर वस्तु है बस में तुम्हारे

और आकाश तुम्हारी बांहों में है....!!


मजबूती से पैर तुम अपने 

ज़मी पर तुम गढ़ा कर रखो

ना गिरा सके कोई दूजा

अपनी हस्ती कुछ ऐसी रखो....!! 


स्वभाव में इतनी नरमी और कोमलता तुम रखो

मनुष्य अपितु नहीं पशु-पक्षी भी

आकर तुम्हारे गले लग जाए

इतना हृदय को विशाल बना के रखो....!! 


संसार अपितु कुछ और न चाहे

व्यवहार में बस सादगी चाहें

फिर कोई भी तुमसे दूर ना जाए

दोनों ओर तुम्हारे जहां झुक जाए.....!! 



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