Cginta Man
Drama Fantasy
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आईना
मुझे जैसी छोटी बच्ची को जो गम दिखी वो उन बड़े लोगों को क्यों न दिखी ! मुझे जैसी छोटी बच्ची को जो गम दिखी वो उन बड़े लोगों को क्यों न दिखी !
एक शिक्षक का काम छात्रों को अपने आप में जीवन शक्ति देखना सिखाना है, एक शिक्षक का काम छात्रों को अपने आप में जीवन शक्ति देखना सिखाना है,
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
छंदमुक्त कविता...! छंदमुक्त कविता...!
मैं शीतल हूँ और चंचल भी, माँ के दिल का चैन भी हूँ, मैं गर्ला हूँ और चपला भी, मैं क्रोधित जलते नैन... मैं शीतल हूँ और चंचल भी, माँ के दिल का चैन भी हूँ, मैं गर्ला हूँ और चपला भी, ...
नृत्य तुम्हारी नाड़ी है, तुम्हारी धड़कन है, तुम्हारी श्वास है, यह आपके जीवन की लय है नृत्य तुम्हारी नाड़ी है, तुम्हारी धड़कन है, तुम्हारी श्वास है, यह आपके जीवन ...
जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा, जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा।। जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा, जा एकांत में छोड़ मुझे अभी चला जा।।
और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में। और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में।
अपने दिल की हर एक बात मुझसे ही तो साझा करती है कहने को तो रिश्ता बस दोस्ती का है अपने दिल की हर एक बात मुझसे ही तो साझा करती है कहने को तो रिश्ता बस दोस्ती...
मतदान का फिर क्या होगा? आपका एक वोट वहां कम न होगा ? मतदान का फिर क्या होगा? आपका एक वोट वहां कम न होगा ?
सो कर उठने पर लगता है सपना है शायद सो कर उठने पर लगता है सपना है शायद
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है, इस द्रौपदी की गिरधारी तक काहे ना पहुंचे पुकार है,
यद्यपि गाँव की शीतलता बहुत भाती है, पर शिथिलता यहाँ की अखरती है, यद्यपि गाँव की शीतलता बहुत भाती है, पर शिथिलता यहाँ की अखरती है,
आखिर तुमने भी नारायण अपनी भू देवी को पहचान कर की ही चुना होगा आखिर तुमने भी नारायण अपनी भू देवी को पहचान कर की ही चुना होगा
दर्द दबाकर रखा है दफन सीने में और उन्हें कराह भी करना तक नहीं. दर्द दबाकर रखा है दफन सीने में और उन्हें कराह भी करना तक नहीं.
इस माटी में लावण्य-लालित्य ललना के सिंदूर हैं, शोक-विलाप करती विधवाओं के क्रंदन भरपूर इस माटी में लावण्य-लालित्य ललना के सिंदूर हैं, शोक-विलाप करती विधवाओं के क्रं...
इस बिना शस्त्र के युद्ध में कितने अपने चले गए इस बिना शस्त्र के युद्ध में कितने अपने चले गए
नरसंहार का मतलब सिर्फ सामूहिक हत्या नहीं है, विनाश के स्तर तक, नरसंहार का मतलब सिर्फ सामूहिक हत्या नहीं है, विनाश के स्तर तक,