STORYMIRROR

Indu Barot

Drama

3  

Indu Barot

Drama

रिश्ते

रिश्ते

1 min
239

रिश्ते प्रेम का अहसास है

न होती इनमें कोई फॉंस है।

रिश्तों में ही है छिपा

त्याग समर्पण का वास है।


रिश्तों की पकड़ होती बहुत खास है

रिश्ते कभी ना मिटने का अहसास है।

छल, कपट और झूठ का

रिश्तों में नहीं वास है।


हो अगर ऐसा तो हर व्यक्ति

रहता सदा उदास है।

जो पास होकर भी दूरी का

देते अहसास है।


वो रिश्ते मर चुके हैं

ये इंदु का विश्वास है।

जीवन मे सदा करो

रिश्ते निभाने का प्रयास है।


नहीं तो जीवन कटेगा सन्नाटे में

नहीं होगा कोई आस पास है।

क्योंकि रिश्ते ही तो एक विश्वास है

जो बढ़ाते सदा आत्मविश्वास है।


रिश्तों में ही तेरा और मेरा निवास है

जिनकी कभी कम ना होने देनी मिठास है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama