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Indu Barot

Drama

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Indu Barot

Drama

रिश्ते

रिश्ते

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रिश्ते प्रेम का अहसास है

न होती इनमें कोई फॉंस है।

रिश्तों में ही है छिपा

त्याग समर्पण का वास है।


रिश्तों की पकड़ होती बहुत खास है

रिश्ते कभी ना मिटने का अहसास है।

छल, कपट और झूठ का

रिश्तों में नहीं वास है।


हो अगर ऐसा तो हर व्यक्ति

रहता सदा उदास है।

जो पास होकर भी दूरी का

देते अहसास है।


वो रिश्ते मर चुके हैं

ये इंदु का विश्वास है।

जीवन मे सदा करो

रिश्ते निभाने का प्रयास है।


नहीं तो जीवन कटेगा सन्नाटे में

नहीं होगा कोई आस पास है।

क्योंकि रिश्ते ही तो एक विश्वास है

जो बढ़ाते सदा आत्मविश्वास है।


रिश्तों में ही तेरा और मेरा निवास है

जिनकी कभी कम ना होने देनी मिठास है।


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