STORYMIRROR

Chitra Yadav

Drama Tragedy Others

3  

Chitra Yadav

Drama Tragedy Others

रिश्ते

रिश्ते

1 min
91

एक वक़्त था 

जब रिश्तों को 

खतों मे महफूज़ रखा जाता था 

किसी ख़ज़ाने की तरहा 


आज कुछ ऐसा है कि 

रिश्ते महज़ 

एक क्लिक के मोहताज 

होकर रह गए हैं 


नए रिश्ते जोड़ने के लिए 

एक 'रिक्वेस्ट' 

वहीं बासी, बेजान रिश्तों को 

ब्लॉक कर देना काफ़ी है 


जो रिश्ते कभी बेशकीमती हुआ करते थे 

आज कितने बेचारे हैं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama