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Chitra Yadav

Abstract

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Chitra Yadav

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इंतजार

इंतजार

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दिल के नशेमन में

चराग कुछ मद्धम से हैं

हवाओं के मद्धम साज़ पर

चिलमनों के थिरकते साये, और

हसरतों की महकती सांसों की

है ज़ुम्बिश भी...

लगता है तेरा इंतज़ार

सुस्ता रहा है यहां कहीं..!


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