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S N Sharma

Romance Tragedy Fantasy

3  

S N Sharma

Romance Tragedy Fantasy

प्यास दिल की न बुझी

प्यास दिल की न बुझी

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प्यास दिल की न बुझी है और न बुझ पाएगी।

बेवफा की याद है वह ऐसे न दिल से जायेगी।

प्यार के बदले सभी को प्यार कब मिलता यहां

तू प्यार है किसी और का और की हो जायेगी।

है नौकरी और पेट के धंधे में गुम  सारा जहां ।

प्यार करने की भला फुर्सत किसे मिल पाएगी।

इश्क विश्क प्यार की बाते तुम्हें बेकार लगती।

पर प्यार के बिन यार तेरी गुजर न हो पाएगी।

अब भी आजा वक्त है शाम अब ढलने को है।

जिंदगी की रात में तेरी परछाइयां खो जायेंगी।



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