प्यारा मेरा देश महान
प्यारा मेरा देश महान
विश्व विजेता भारत मेरा
नस नस में जोश भरता है ।
सत्य अहिंसा के करोड़पति
गाँधी दिल में बसता है।
पावन भारत पुण्य पुरातन
ऋषि मुनि गण परिपालित है।
भिन्न गुणों से एक हदय हो
सारी जनता बसती है।
हिमगिरि ऊपर अंबर छूकर
शीश उठाकर चलने का
अभ्यागत नन्हे बच्चों को
प्यारा पाठ सिखाता है।
सीमा की रक्षा में प्रतिपल
आँख खोल कौन रहते हैं,
ऐसे धीर समस्त जवानों,
प्रियता से अभिवादन लो !
कोई दुश्मन नहीं हमारा
देश युगों से कहता है।
मित्र समान भलाई लेकर
दुनिया को चौंकाते हैं।
इस धरती की सारी नदियाँ
बह बहकर क्या कहती है ?
आगे बढ जाना है हमको
जो भी संकट सामने हो।
सूखे पत्ते शाखा से झड़
मिट्टी को सहलाता क्यों ?
वे भी धीरे कहते हैं अब
प्यारा मेरा देश महान !
