STORYMIRROR

ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Others

4  

ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Others

मधुमास

मधुमास

1 min
382


अंबरतल में कुहरा ओझल

कम पड़ने लग जाती सर्दी

निर्मल स्वच्छ बना है गगन

वैभव से ऋतुराज समागम


नदी सरोवर तालाबों की

भौतिक छवि मनमोहक है

पीपल बरगद नाना तरु में

नव नव कोंपल फूट पडी ॥


महुए की मनमोहक सुगंधि

वन वन का दिल लूट रही है

प्रिय पराग की मृदुल खुशी से

शहद समाहृत मधुमक्खी दल ।


नयन नीर को दूर बहाकर

सारे मानव वस्त्र बदलकर

अपूर्व शोभा निरख प्रकृति की

आनंदोत्सव लाया घर में ॥



Rate this content
Log in