मधुमास
मधुमास
1 min
386
अंबरतल में कुहरा ओझल
कम पड़ने लग जाती सर्दी
निर्मल स्वच्छ बना है गगन
वैभव से ऋतुराज समागम
नदी सरोवर तालाबों की
भौतिक छवि मनमोहक है
पीपल बरगद नाना तरु में
नव नव कोंपल फूट पडी ॥
महुए की मनमोहक सुगंधि
वन वन का दिल लूट रही है
प्रिय पराग की मृदुल खुशी से
शहद समाहृत मधुमक्खी दल ।
नयन नीर को दूर बहाकर
सारे मानव वस्त्र बदलकर
अपूर्व शोभा निरख प्रकृति की
आनंदोत्सव लाया घर में ॥
