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ARVIND KUMAR SINGH

Tragedy

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ARVIND KUMAR SINGH

Tragedy

हमें प्यार है

हमें प्यार है

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संतान हमारी तुम बेटा

हर हाल करेंगे हम रक्षा

हमारे लिए बच्चे ही रहोगे

पढ़ते जैसे पहली कक्षा,


हमारी दुआ है हर खुशी

दामन में तुम्हारे भर जाऐ

तुम तक आने से पहले

हर संकट हमसे टकराऐ,


बलाऐं तुम्हारी हम लेंगे

जान से बढकर पालेंगे

तुम्हें खिलाकर जो बचे

हम रुखी सूखी खा लेंगे,


बोझ लगे तो कह देना

हम मां-बाप हैं प्यार हैं

वृद्धाश्रम में छोड देना

उसके लिए भी तैयार हैं।


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