परिवार
परिवार
परिवार
सुख-दुख का जो आधार है,
वही तो हमारा परिवार है।
जहाँ बड़ों का आशीर्वाद मिले,
और छोटों का बेशुमार प्यार है।
दादा-दादी की कहानियों का पिटारा,
जैसे आसमान में चमकता कोई तारा।
नाना-नानी का वो प्यारा सा गाँव,
जहाँ मिलती है लाड-प्यार की छांव।
मां की ममता की ठंडी पुरवाई,
पिता ने हमें सही राह दिखाई।
भाई-बहन की खट्टी-मीठी तकरार,
रक्षा बंधन में लाता जो असली बहार।
मकान को जो घर बनाता है,
बिना कहे जो दिल की बात समझता है।
बाहर चाहे जितना भी हो अंधेरा,
अपनों के बीच ही होता है असली सवेरा।
जहाँ निस्वार्थ प्रेम की बौछार है,
सचमुच, धरती पर स्वर्ग ही परिवार है।
