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Dr.Padmini Kumar

Classics

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Dr.Padmini Kumar

Classics

परीक्षा

परीक्षा

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परीक्षा (कविता)
घंटी बजी और धड़कन बढ़ी,
सामने प्रश्नों की एक लंबी झड़ी।
रात भर जागे, किताबें छानी,
कल की मेहनत, आज है दिखानी।
कल तक जो मित्र थे, खेल के साथी,
आज सब मौन हैं, कलम अपनी चलाते।
पसीने की बूंदें माथे पर आईं,
याद की हुई बातें, लेखनी से निकलीं।
पर डरना नहीं, ये बस एक मंच है,
सब की मेहनत का, यही तो सच है।
धैर्य और संयम से उत्तरों को लिखना,
सफलता के शिखर पर,
अपना परचम लहराना।
परीक्षा  केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि
अनुशासन, धैर्य और चरित्र की  है।
सभी परीक्षा का अंत नहीं बल्कि
आगे बढ़ने का एक आरंभ है।
सीखना ही जीवन है।
परीक्षा के समय तनाव से बचें
अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।


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