STORYMIRROR

Dr.Padmini Kumar

Classics

3  

Dr.Padmini Kumar

Classics

हवाई अड्डे में...

हवाई अड्डे में...

1 min
10

हवाई अड्डे में....

रेतीले क्षितिज पर चमकता एक आधुनिक द्वार है,
कुवैत का यह हवाई अड्डा, सपनों का आधार है।
मुसाफिरों की भीड़ और उड़ानों का यहाँ बसेरा है,
हर विदा में एक उम्मीद, और हर लैंडिंग में सवेरा है।

अचानक एक दिन रद्द किया गया सब उडानें
अचरज होकर बैठे हुए अमीर यात्री अड्डे में।
आसमान में उडते मिशैलें बिगाड देते सपनें।
अरब देशों के लोग डूब रहे युद्ध के अंधेरे में।

कुवैत एरवेस या ब्रिटिस एरवेस
एमिरेट्स या लुफ्तान्सा के
बडे बडे उडानें उड नहीं पाते
खडे खडे हो गए मंजिल पहुँचा नहीं पाते।

आफ्रिका हो या अमेरिका,
आस्ट्रेलिया हो या भारत
कहीं नहीं जा सकते बन गए सब
टेर्मिनल के नायक टाम हेंग्स
जैसा अरब का बेहाल,वैसा बाहरीय यात्रों का भी बेहाल
न तो पहुँच पाते घर,न ही पहुँच पाते दफ्तर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics