बिल्ली और बिलौटा
बिल्ली और बिलौटा
मेरे घर में रौनक लाते,
बिल्ली और बिलौटा आते।
ममत्व से भरी है माता,
अनोखा इनका नाता।
बिल्ली करती म्याऊँ-म्याऊँ,
कहती दूध मलाई खाऊँ।
पीछे-पीछे दौड़े बच्चा,
लगे सभी को बहुत ही सच्चा।
गोल-मटोल सा वो बिलौटा,
माँ की पूँछ से सदा खेलता।
कभी उछलता कभी वो कूदता,
बिस्तर के पीछे है छुपता।
सोते हैं दोनों संग-संग,
जीवन में भर देते रंग।
प्यारी बिल्ली, प्यारा बच्चा,
रिश्ता इनका सबसे सच्चा।
