STORYMIRROR

Pawanesh Thakurathi

Classics

3  

Pawanesh Thakurathi

Classics

मुहब्बत में

मुहब्बत में

1 min
287

शूल फूल बन गये

अंधेरे धूल बन गये

हर जगह खिली-खिली सी

धूप नजर आती है

क्या मुहब्बत में दिलों से

ऐसी ही खबर आती है।


चुप्पी इक राग बन गई

उदासी फिर आग बन गई

लगता है जहाँ-तहाँ

खूब लहर आती है

क्या मुहब्बत में दिलों से

ऐसी ही खबर आती है।


सब कुछ अच्छा ही अच्छा

सब कुछ सच्चा ही सच्चा

बन बच्चा ही बच्चा

मुस्कान उभर आती है

क्या मुहब्बत में दिलों से

ऐसी ही खबर आती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics