manisha suman
Classics
कठपुतली
एक डोर से बँधी
जीवन खेल।
खीचें डोर को
चलती इशारों पे
हाथ किसी के।
रचता खेल
बना कठपुतली
रंगमंच पे।
उठा पर्दा को
सुख दुख रंग को
नित दर्शाया।
मुक्तक....प्र...
भीड़
संकल्प
प्रेम
मेरा घर
भय /डर
स्वाभिमान माँ...
ईर्ष्या
माँ (मुक्तक)
वसुधैव कुटुम्...
इस पलकों पर ठहरी बूँद की कहानियों के किरदार, तुम सुनकर मेरी सदा एक बार तो मूड़ कर देखो इस पलकों पर ठहरी बूँद की कहानियों के किरदार, तुम सुनकर मेरी सदा एक बार तो मू...
सिया राम घर लौट के आए, अवध वासी होली मनाए। सिया राम घर लौट के आए, अवध वासी होली मनाए।
परंपरा सनातनी, हमारे दिल में ये बसी, कोई मले गुलाल तो, बुरा न मानो होली है। परंपरा सनातनी, हमारे दिल में ये बसी, कोई मले गुलाल तो, बुरा न मानो होली है।
मैने प्यार किया था तुमसे, तो तुमने भी तो मुझसे किया था। मैने प्यार किया था तुमसे, तो तुमने भी तो मुझसे किया था।
सोच में पड़ जाते हैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर क्या सत्य कहती मेरी तनहाइयाँ। सोच में पड़ जाते हैं अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर क्या सत्य कहती मेरी तनहाइयाँ।
रम जाओ पल भर को मुझ में और एक नया निर्माण दो। रम जाओ पल भर को मुझ में और एक नया निर्माण दो।
पर मन में उमंगों की अभी उड़ान बाकी है।। पर मन में उमंगों की अभी उड़ान बाकी है।।
सो अब हम, रावण के माध्यम से, इतिहास फूंक आते, और झूठी खुशी मनाते। सो अब हम, रावण के माध्यम से, इतिहास फूंक आते, और झूठी खुशी मनाते।
संघर्षों से जूझ रही जिंदगी बस "नयी उम्मीदों" के आसरे अब जिंदगी ! संघर्षों से जूझ रही जिंदगी बस "नयी उम्मीदों" के आसरे अब जिंदगी !
दिलों से दिलों का मिलन हो जाएगा बस तेरे लौट कर आने से। दिलों से दिलों का मिलन हो जाएगा बस तेरे लौट कर आने से।
हौसले ने तो कितने कितने को बिना लड़े ही जिता दिया । हौसले ने तो कितने कितने को बिना लड़े ही जिता दिया ।
राम नाम की महीमा ऐसी , तैर गये सिंधु में सब शिला अकारा I राम नाम की महीमा ऐसी , तैर गये सिंधु में सब शिला अकारा I
घूमती सड़क निखरेगी जल्द ही और लद जाएगी लिबास से फिर एक बार। घूमती सड़क निखरेगी जल्द ही और लद जाएगी लिबास से फिर एक बार।
हमको पसंद है कि ये ट्वेंटी ट्वेंटी वन है सब ये रजामंद है कि वायरस के दिन चंद हैं! हमको पसंद है कि ये ट्वेंटी ट्वेंटी वन है सब ये रजामंद है कि वायरस के दिन चंद ह...
ज़िन्दगी रिश्तों का है ख़ज़ाना यहाँ सुख दुख का आना जाना। ज़िन्दगी रिश्तों का है ख़ज़ाना यहाँ सुख दुख का आना जाना।
सफलता कदम चूमेगी, ईश्वर तुझे थाम लेगा। सफलता कदम चूमेगी, ईश्वर तुझे थाम लेगा।
काल इतिहास पढ़ते थे आज इतिहास लिखते है लगता है सब कुछ बदल गया। काल इतिहास पढ़ते थे आज इतिहास लिखते है लगता है सब कुछ बदल गया।
"हेमंत" को तन्हाई में, सत्य का अहसास हो सा गया है ! "हेमंत" को तन्हाई में, सत्य का अहसास हो सा गया है !
कई सरकारें आईं और गईं फिर भी सिस्टम नहीं सुधार पाई। कई सरकारें आईं और गईं फिर भी सिस्टम नहीं सुधार पाई।
छेड़े वीणापाणि ने वीणा के तार, हुए एकत्र देवगण सभी कैलास। छेड़े वीणापाणि ने वीणा के तार, हुए एकत्र देवगण सभी कैलास।