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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

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Dr Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

वीर शिवाजी

वीर शिवाजी

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गौरवगाथा गा रहा,

भारत देखो आज,

हिंद स्वराज के थे,

शिवाजी आये याद।


जीजाबाई पुत्र हुये,

मानी कभी न हार,

अपनी प्रजा दिया,

खूब जहां का प्यार।


औरंगजेब भी हारा,

बल बुद्धि थी अपार,

स्त्री मर्यादा रखवाले,

रहते युद्ध को तैयार।


छत्रपति वीर शिवाजी,

मराठों में बड़ा है नाम,

गौरवगाथा गाते हैं जन,

भारत की थे वो शान।


बीजापुर का युद्ध था,

छापामार दिया नाम,

युद्ध कौशल जानते,

दुश्मन किया तमाम।


गूंज रही जहां सारे,

उनकी गाथा शान,

अति बलशाली थे,

आज जगत पहचान।।


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