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Mohanjeet Kukreja

Romance Tragedy

4.9  

Mohanjeet Kukreja

Romance Tragedy

प्रेरणा

प्रेरणा

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तुम्हारा अस्तित्व,

अप्रतिम सौंदर्य,

ये झील सी आँखें...

दिलकश तबस्सुम और

एक हसीन तिल,

तुम्हारे गाल पर...!

इन से कहीं बढ़ कर,

यह उखड़ापन तुम्हारा;

यह बेरुख़ी मुझसे,

एक प्रेरणा है --

मेरे लिए!

ज़िन्दगी के लिए!!

मेरी शायरी के लिए!!!

वर्ना कौन और क्यों...

निभाता है इतना अर्सा

इक तरफ़ा सम्बन्धों को

यूँ दीवानों की तरह...!?!


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