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मोहनजीत कुकरेजा

Inspirational


4.5  

मोहनजीत कुकरेजा

Inspirational


शुक्राने की कभी बात करो

शुक्राने की कभी बात करो

1 min 260 1 min 260

कौन तुम्हारी बात करेगा, ख़ुद तो कोई ऐसी बात करो

अपने में हमेशा रहते हो, कुछ औरों से भी बात करो ! 


जीने से उकताए रहते हो और मरने से भी डरते हो...

ख़ुश रहो जो मिला उससे, शुक्राने की कभी बात करो !


शिकायत हमेशा करते हो, कमियां ही तुमको दिखती हैं 

काँटों का ज़िक्र भूल कर, कुछ फूलों की भी बात करो !


रोने को कंधा चाहिए तुमको, ख़ुशी भी बांटा करो कभी

कांधे चार मिल जायेंगे, अभी दिल से दिल की बात करो !


ख़ुद की चिंता, ख़ुद के मसले, बस उनमें उलझे रहते हो

ग़ैरों के दुःख-दर्द को समझो, उनकी भी कुछ बात करो !


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