Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है, नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है,
शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा। शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा।
हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल ! हर बार की तरह इस बार भी विफल पुरुषत्व की नकेल कसने में असफल !
आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की.. आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की..
भूख में धोखा खा कर, शायद पेट भर गया होगा। फल ना सही बारूद सही, भीतर तो गया होगा। भूख में धोखा खा कर, शायद पेट भर गया होगा। फल ना सही बारूद सही, भीतर तो गया हो...
वो दर्द की रात थी... तेज बरसात थी... वो दर्द की रात थी... तेज बरसात थी...
तू ये मत सोच, कि तू बच जाएगा, पहले जो बच कर चले गए वो दोबारा नहीं दोहराएंगे, तू ये मत सोच, कि तू बच जाएगा, पहले जो बच कर चले गए वो दोबारा नहीं दोहराएंगे,
लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार
मैंने लक्ष्मण रेखा कितनी ही खींची संस्कारों की पाप के पुष्पक पर चला गया इज्जत की अर्थी मैंने लक्ष्मण रेखा कितनी ही खींची संस्कारों की पाप के पुष्पक पर चला गया इज्जत...
खुले अम्बर में उड़ने दो, डरती हूं बाहर आने से , मां मुझे कोख में ही रहने दो। खुले अम्बर में उड़ने दो, डरती हूं बाहर आने से , मां मुझे कोख में ही रहने द...
उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी
उसके बाद ऐसा कौन सा आरोप होगा, जिसे कालिक बनाकर तुम्हारे चरित्र पर न पोता जाएगा? उसके बाद ऐसा कौन सा आरोप होगा, जिसे कालिक बनाकर तुम्हारे चरित्र पर न पोता जाएगा?
एक बार फिर, फिर एक बार घिनौनी दास्तान, लूट लिए गए फिर किसी मासूम के अरमान। एक बार फिर, फिर एक बार घिनौनी दास्तान, लूट लिए गए फिर किसी मासूम के अरमान।
'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक मिला अंजाम।' न्याय ... 'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक...
आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते हैं। आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते ह...
ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है। ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है।
तिमिरलोक, ये जलमंडल है, मैं जिस घर में सोई हूँ । तिमिरलोक, ये जलमंडल है, मैं जिस घर में सोई हूँ ।
मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल में पूरे विश्व को स... मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल...
दोनों के दिल, रक्षासूत्र और ताबीज़ सब राज़ी थे, पर उन्हें देने वाले द्वेष और द्रोह के पुजारी थे ! दोनों के दिल, रक्षासूत्र और ताबीज़ सब राज़ी थे, पर उन्हें देने वाले द्वेष और द...
न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर भी शर्मिंदा न्यायालय को दाग लगाने वाले जब तक जिंदा हैं तब तक हम हाथों में ज्वाला लेकर...