Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
आज के दौर में खग को कोई ठौर नहीं है। कट गए जो पेड़ उन पर कोई जोर नहीं है। आज के दौर में खग को कोई ठौर नहीं है। कट गए जो पेड़ उन पर कोई जोर नहीं है।
बिना किसी योजना के शामिल हैं सब अंधी दौड़ में। किसी को भी कोई मंज़िल साफ सा नहीं दिख रहा बिना किसी योजना के शामिल हैं सब अंधी दौड़ में। किसी को भी कोई मंज़िल साफ सा नही...
उसी इंसान का ही होगा, जिसने कटाक्ष किया उसी इंसान का ही होगा, जिसने कटाक्ष किया
नृत्य गायन में प्रवीण होने से पहले आत्मरक्षा तुम सीख लेना। नृत्य गायन में प्रवीण होने से पहले आत्मरक्षा तुम सीख लेना।
मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं , मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं ,
अब तो काम बने नहीं, करना पड़ इंतजार, जीना हो जगत में तो, बदल लो व्यवहार। अब तो काम बने नहीं, करना पड़ इंतजार, जीना हो जगत में तो, बदल लो व्यवहार।
मानव अंग की तस्करी में शामिल कुछ लोग, मानव अंग की तस्करी में शामिल कुछ लोग,
अंतिमा, मैं इतने दिनों से तुमसे कुछ कहना चाह रहा था और तुम हो कि सुन ही नहीं रही हो अंतिमा, मैं इतने दिनों से तुमसे कुछ कहना चाह रहा था और तुम हो कि सुन ही नहीं रही...
पुस्तकें सिमट गई, कौन बचा पाएगा जन आज, पुस्तकें सिमट गई, कौन बचा पाएगा जन आज,
नंगी तलवारें निकल पड़ी थी जब दिल्ली के दरबार से नंगी तलवारें निकल पड़ी थी जब दिल्ली के दरबार से
एक दिन ऐसा आएगा कि कहीं ठिकाना भी ना मिलेगा तुझे! एक दिन ऐसा आएगा कि कहीं ठिकाना भी ना मिलेगा तुझे!
सिर्फ 'तन्हाई-ही-तन्हाई' मिलेगी... और कुछ नहीं... सिर्फ 'तन्हाई-ही-तन्हाई' मिलेगी... और कुछ नहीं...
अब आप ही बताइए, जब ऐसी बनावटी "अभावग्रस्त" अवस्था अब आप ही बताइए, जब ऐसी बनावटी "अभावग्रस्त" अवस्था
अरे, ओ, उन 'खास' इंसानों के आगे-पीछे भंवरों की तरह मंडराने वाले 'खुशामदी' चमचों ! अरे, ओ, उन 'खास' इंसानों के आगे-पीछे भंवरों की तरह मंडराने वाले 'खुशामदी'...
विकृति अब भी गुफा में है कुछ पका रहा.... विकृति अब भी गुफा में है कुछ पका रहा....
आज जिसके दिल में बेशुमार दौलत-ओ-शोहरत का गुरूर है, आज जिसके दिल में बेशुमार दौलत-ओ-शोहरत का गुरूर है,
हरियाली का जंगल का जंगल कहां लुप्त हो गया लोगों को कानों कान खबर ही नहीं लगी हरियाली का जंगल का जंगल कहां लुप्त हो गया लोगों को कानों कान खबर ही नहीं लगी
लो अब संग्राम ये शुरू हुआ शेरनी को अब ललकार हुआ लो अब संग्राम ये शुरू हुआ शेरनी को अब ललकार हुआ
आपके घृणित दृष्टिकोण से, बहुत सी महिलाएँ पहले ही आहत हो चुकी हैं। आपके घृणित दृष्टिकोण से, बहुत सी महिलाएँ पहले ही आहत हो चुकी हैं।
थानेदार की हालत ऐसी ही थी जैसी फरियादियों की थाने में जाकर होती है। थानेदार की हालत ऐसी ही थी जैसी फरियादियों की थाने में जाकर होती है।