Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
कई कुलीन व्यक्ति, जो इनमें खुबसूरत, उन्हें मनोरंजन के लिए, इस्तेमाल करते। कई कुलीन व्यक्ति, जो इनमें खुबसूरत, उन्हें मनोरंजन के लिए, इस्तेमाल करत...
शांत मन से अच्छा बुरा सोचे तो आराम पाये। शांत मन से अच्छा बुरा सोचे तो आराम पाये।
ऐसे दरिंदो को तुरंत ही, फांसी पर चढ़ा देना, कोई बेटी बर्बाद न हो, ऐसा परिवेश बना देन ऐसे दरिंदो को तुरंत ही, फांसी पर चढ़ा देना, कोई बेटी बर्बाद न हो, ऐसा परिवे...
ऐ दुनिया है जनाब सबको सताती है।। बहुत कीचड़ उछालती है।। ऐ दुनिया है जनाब सबको सताती है।। बहुत कीचड़ उछालती है।।
समभागी बनाना चाहते हैं, तो चुगलखोरों से तौबा कीजिए ...! समभागी बनाना चाहते हैं, तो चुगलखोरों से तौबा कीजिए ...!
जन को सफर जचता है, सफर अधूरा लगता है।। जन को सफर जचता है, सफर अधूरा लगता है।।
हर तरफ़ अंधेर है मचा हुआ, हर तरफ़ अंधेरी छाई है। हर तरफ़ अंधेर है मचा हुआ, हर तरफ़ अंधेरी छाई है।
आओ सोचे कदम उठाते हैं। हम सभी बेटियां सोच समझ बनाते हैं। आओ सोचे कदम उठाते हैं। हम सभी बेटियां सोच समझ बनाते हैं।
लोगों को अपनेपन से समझाओ सबसे प्यार करो। स्वस्थ रहो मस्त रहो।। लोगों को अपनेपन से समझाओ सबसे प्यार करो। स्वस्थ रहो मस्त रहो।।
लोगों के दर्द दूर कर दे, निष्ठुर मिले आदत हमारी।। लोगों के दर्द दूर कर दे, निष्ठुर मिले आदत हमारी।।
असाध्य रोग ना मिलता कोई इलाज ना ही दुरुस्त होती परम्परा सरकारी।। असाध्य रोग ना मिलता कोई इलाज ना ही दुरुस्त होती परम्परा सरकारी।।
गिरते-गिरते बचते राजा आज ना उनकी बचेगी लाजा गिरते-गिरते बचते राजा आज ना उनकी बचेगी लाजा
बार बार समझा रही मैं चाहूँ तुम्हारी भलाई। बार बार समझा रही मैं चाहूँ तुम्हारी भलाई।
खूब धड़ धड़ल्ले से हो रही नकल है, गिरवीं ही रख दी कहीं पर अक्ल है। खूब धड़ धड़ल्ले से हो रही नकल है, गिरवीं ही रख दी कहीं पर अक्ल है।
ये दुनिया विश्वास के नाम पर है छल-कपट ये दुनिया विश्वास के नाम पर है छल-कपट
जितने मुंह उतने नाम जितने मुंह उतने नाम कोई कहे सांवरा कोई कहे खाटू का श्याम। जितने मुंह उतने नाम जितने मुंह उतने नाम कोई कहे सांवरा कोई कहे खाटू का श्याम।
मीडिया अपराध और अपराधी को नजरंदाज कर रही मीडिया अपराध और अपराधी को नजरंदाज कर रही
उसकी कोमलता उसके सुख का नहीं दुख का कारण है यह ज्ञात तब हुआ उसकी कोमलता उसके सुख का नहीं दुख का कारण है यह ज्ञात तब हुआ
रहम करो दुनियावालों, क्यों करते इन पर वार, पेड़ नष्ट अगर हो गये, निश्चित मान लो हार। रहम करो दुनियावालों, क्यों करते इन पर वार, पेड़ नष्ट अगर हो गये, निश्चि...
फिर बरसती हैं आँखें जीवन दूभर हो जाता है! फिर बरसती हैं आँखें जीवन दूभर हो जाता है!