Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
तो वह उसके प्रति अपराध की आखिरी रात हो जाती है। तो वह उसके प्रति अपराध की आखिरी रात हो जाती है।
आदिवासी जिंदा है तो ही एससी, ओबीसी और माइनॉरिटी भारत में जिंदा है। आदिवासी जिंदा है तो ही एससी, ओबीसी और माइनॉरिटी भारत में जिंदा है।
मां तू इनकी रक्षा के लिए फिर आ जाओं एक बार। मां तू इनकी रक्षा के लिए फिर आ जाओं एक बार।
मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं , मैं फिर भी पूरी निर्लज्जा से यह क्षमा याचना लिखता हूं ,
अब तो काम बने नहीं, करना पड़ इंतजार, जीना हो जगत में तो, बदल लो व्यवहार। अब तो काम बने नहीं, करना पड़ इंतजार, जीना हो जगत में तो, बदल लो व्यवहार।
देवी तू क्यों इतनी लाचार है तू अन्नपूर्णा, तू शारदा, तू पद्मावती, तू वीरांगना, तेरी कोख से जीवन... देवी तू क्यों इतनी लाचार है तू अन्नपूर्णा, तू शारदा, तू पद्मावती, तू वीरांगन...
नहीं जिंदगी है सँवारी किसी की । निजी ही बनाने जलाने लगे हैं॥ नहीं जिंदगी है सँवारी किसी की । निजी ही बनाने जलाने लगे हैं॥
नन्ही सी जान थी वो तुने जिसके जिस्म को नोच दिया... जिस्म के ज़ख़्म तो फिर भी भर जाते... तुने तो उस... नन्ही सी जान थी वो तुने जिसके जिस्म को नोच दिया... जिस्म के ज़ख़्म तो फिर भी भर...
जिस दिन मन भर जाना उसका, गिन लेगा बेकारों में। जिस दिन मन भर जाना उसका, गिन लेगा बेकारों में।
अंतिमा, मैं इतने दिनों से तुमसे कुछ कहना चाह रहा था और तुम हो कि सुन ही नहीं रही हो अंतिमा, मैं इतने दिनों से तुमसे कुछ कहना चाह रहा था और तुम हो कि सुन ही नहीं रही...
सिर्फ 'तन्हाई-ही-तन्हाई' मिलेगी... और कुछ नहीं... सिर्फ 'तन्हाई-ही-तन्हाई' मिलेगी... और कुछ नहीं...
मां पापा की गुड़िया खुशियाँ सारी छिन ली मां पापा की गुड़िया खुशियाँ सारी छिन ली
महाराणा प्रताप ने बल मैदान में दिखाया था भयंकर युद्ध के लिए रणनीतियों को बनाया महाराणा प्रताप ने बल मैदान में दिखाया था भयंकर युद्ध के लिए रणनीतियों को बनाय...
"जागो मित्र जागो" समय रहते जागो ।। "जागो मित्र जागो" समय रहते जागो ।।
उस नर्क की हर शख्सियत भी तुम पे बारी बारी थूकेगा। उस नर्क की हर शख्सियत भी तुम पे बारी बारी थूकेगा।
यह जानते हुए कि वे कभी भी अपने कार्यों के परिणामों से पूरी तरह से नहीं बच पाएंगे। यह जानते हुए कि वे कभी भी अपने कार्यों के परिणामों से पूरी तरह से नहीं बच पाएंगे...
सब वादे यहाँ झूठे हैं, और आँसू भी हैं नकली...! सब वादे यहाँ झूठे हैं, और आँसू भी हैं नकली...!
दुःख! अपार दुःख! ज़िन्दगी है या अखबार की कतरन... दुःख! अपार दुःख! ज़िन्दगी है या अखबार की कतरन...
आपके घृणित दृष्टिकोण से, बहुत सी महिलाएँ पहले ही आहत हो चुकी हैं। आपके घृणित दृष्टिकोण से, बहुत सी महिलाएँ पहले ही आहत हो चुकी हैं।
थानेदार की हालत ऐसी ही थी जैसी फरियादियों की थाने में जाकर होती है। थानेदार की हालत ऐसी ही थी जैसी फरियादियों की थाने में जाकर होती है।