Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है। दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है।
मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा... मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा...
इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है जिंदगी। इंसानियत का इंसानियत से भरोसा उठ गया रोज़ रोज़ लड़ती है और हार जाती है ...
तुम्हें जगना होगा, एक बार फिर, एक बेहतर भविष्य के लिए। तुम्हें जगना होगा, एक बार फिर, एक बेहतर भविष्य के लिए।
किसके दम पर दबंगई करता है। किसके दम पर दबंगई करता है।
कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए ! कितने बेपरवाह हो गए ! क्या थे कल हम आज क्या हो गए !
नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं। नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं।
जाने कितनों को मारा, कितनों को अनाथ किया ना जाने कितने बच्चों का,जीवन उसने बर्बाद किया जाने कितनों को मारा, कितनों को अनाथ किया ना जाने कितने बच्चों का,जीवन उसने बर...
फूलों को यूं तोड़ना मरोड़ना तो जमाने की पुरानी सी आदत है। फूलों को यूं तोड़ना मरोड़ना तो जमाने की पुरानी सी आदत है।
आंखोंं में लहू, दिल में चिंगारी मिटा दो यह समाज की महामारी आंखोंं में लहू, दिल में चिंगारी मिटा दो यह समाज की महामारी
तेरी बहन तेरे सामने आने से डरेगी, घर क बाहर शैतानों से लड़ती थी, अब घर के अंदर पल रहे तेरी बहन तेरे सामने आने से डरेगी, घर क बाहर शैतानों से लड़ती थी, अब घर के अ...
यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली
आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते हैं। आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते ह...
कैसे करते हैं दुनिया वाले खुद को बेमिसाल, हमें तो तुम बदनाम ही रहने दो कैसे करते हैं दुनिया वाले खुद को बेमिसाल, हमें तो तुम बदनाम ही रहने दो
ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है। ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है।
कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ, कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ,
बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ? बहते रहना चाहिए उसे सड़ांध मारती लोकतंत्र की लहूलुहान लाश पर ?
सही गलत का अंतर जो है, निज आचरण में दिखलाये? सही गलत का अंतर जो है, निज आचरण में दिखलाये?
अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में। अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में।
मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं