Agam Murari
Crime Fantasy Inspirational
ठगा दिल का
पोस्टमार्टम किया
पता चला
ह्रदय की सारी धमनियां
कब की
चोरी कर ली गई हैं।
रिपोर्ट मिला
कुछ पहर पहले
कशीवास को आया
क्योंकि,
किसी के जाने का
दर्द सह ना पाया।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है। दुनिया तेजी से कॉरपोरेट खिलाफत बनती जा रही है।
नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है, नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है,
शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा। शायद इन्हें समझ तभी पड़ेगा ज़ब वंश इनका आगे ना बढ़ेगा।
मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा... मिट्टी भी देश की हा-हाकार कर उठी, बच्ची को तिल-तिल मरते जब देखा...
आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की.. आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की..
भूख में धोखा खा कर, शायद पेट भर गया होगा। फल ना सही बारूद सही, भीतर तो गया होगा। भूख में धोखा खा कर, शायद पेट भर गया होगा। फल ना सही बारूद सही, भीतर तो गया हो...
शायद इसलिए हर एहतियात तुम्हारा बचकाना सा लगता है शायद इसलिए हर एहतियात तुम्हारा बचकाना सा लगता है
तुम्हें जगना होगा, एक बार फिर, एक बेहतर भविष्य के लिए। तुम्हें जगना होगा, एक बार फिर, एक बेहतर भविष्य के लिए।
लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार
नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं। नैतिकता का भारी ओढ़ लबादा नेतागण गलत शासन चला रहे हैं।
आंखोंं में लहू, दिल में चिंगारी मिटा दो यह समाज की महामारी आंखोंं में लहू, दिल में चिंगारी मिटा दो यह समाज की महामारी
उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी
यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली यूं तो हर रोज थी मगर उस दिन लगा सच में मैं थी एक गंदी गाली
'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक मिला अंजाम।' न्याय ... 'चिंता के कारण बुढ़िया ने मरते समय लिया था नाम, बचा लो उसको कहने वाली थी वो तब तक...
आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते हैं। आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते ह...
कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ, कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ,
मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल में पूरे विश्व को स... मानती हूँ कि तुम मेरे जीवन में आती तो खुशियों से भर देती मेरा जीवन, मेरे आँचल...
फिर एक दिन, वो काली घटा छाई, कुछ खूंखार दरिंदों ने ना जाने क्यों, उस पे अपनी नज़र टिकाई...! फिर एक दिन, वो काली घटा छाई, कुछ खूंखार दरिंदों ने ना जाने क्यों, उस पे अपनी नज़...
अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में। अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में।
मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं मेरी चीख भी किसी को सुनाई नहीं दी मां बहुत दर्द में थी मैं