Agam Murari
Romance
ये चांद मैं हूं
और ये आकाश,
मेरी दुनिया
आस-पास के सारे सितारे
मेरे रिश्तेदार हैं, और
आती-जाती रूते
मेरे फ्रेंड्स।
चांद के पास बिखरी रोशनी
वो तुम हो
और इन्हीं रोशनी से
चांद खूबसूरत लगता हैं।
ग़ज़ल
तुम्हें भूलूं...
प्रेम
मैं और तुम
तुम अब भी मुझ...
ग़ज़ल
पोस्टमार्टम र...
इससे और अधिक ...
जल्लाद
आई मिस यू
दुःख या सुख में आंसू छलकना कुछ और बात है, आंसू बन कर आँखों में बस जाना कुछ और बात दुःख या सुख में आंसू छलकना कुछ और बात है, आंसू बन कर आँखों में बस जा...
क्या भूला है, सरगम का सुर से प्यार? क्या भूली है, आना फूलों पे बहार? क्या भूला है, सरगम का सुर से प्यार? क्या भूली है, आना फूलों पे बहार?
नुरानी सी किसी शाम मे तुम्हें ये राज बताना है। नुरानी सी किसी शाम मे तुम्हें ये राज बताना है।
और देखते देखते प्यार हो जाना, काश खुदा को मंजूर होता। और देखते देखते प्यार हो जाना, काश खुदा को मंजूर होता।
हर दिन होगा प्रपोज डे, जब पति करेगा सच्चा प्यार। हर दिन होगा प्रपोज डे, जब पति करेगा सच्चा प्यार।
मयखाना समेटना चाहे ज्यों , कोई शराबी चंद पैमानों में।। मयखाना समेटना चाहे ज्यों , कोई शराबी चंद पैमानों में।।
अब तो आख़िरी दम तक है इसे दिल मे दफ़नाना किसी से मेरा ये राज़े- मोहब्बत ना कहना। अब तो आख़िरी दम तक है इसे दिल मे दफ़नाना किसी से मेरा ये राज़े- मोहब्बत ना कह...
बहुत दुख दे जाते हैं वो लोग जो ज़्यादा नज़दीक आ जाते हैं.. बहुत दुख दे जाते हैं वो लोग जो ज़्यादा नज़दीक आ जाते हैं..
विरह-वेदना सोच घबराती मैं रंग कंचन का, नीरज की सौम्यता विरह-वेदना सोच घबराती मैं रंग कंचन का, नीरज की सौम्यता
किससे बयां करें, हम दिल कि दास्ताँ.... कौन समझेगा, यहाँ दर्द मेरा.... किससे बयां करें, हम दिल कि दास्ताँ.... कौन समझेगा, यहाँ दर्द मेरा....
नही चाहिए कुछ ज्यादा कभी भी मिले संंग तुम्हारा! नही चाहिए कुछ ज्यादा कभी भी मिले संंग तुम्हारा!
ऐसे ही बजती रहे अपनी प्यार की धुन और सरगम बना रहे अपना साथ और संगम। ऐसे ही बजती रहे अपनी प्यार की धुन और सरगम बना रहे अपना साथ और संगम।
जब भी ये दिल उदास होता है, आंखे बंद करके ख्वाबो में खो जाते हैं। जब भी ये दिल उदास होता है, आंखे बंद करके ख्वाबो में खो जाते हैं।
तुमसे करनी कुछ बात बाकी है जाने कितनी अधूरी रात बाकी है! तुमसे करनी कुछ बात बाकी है जाने कितनी अधूरी रात बाकी है!
ये ख़्वाहिश है मेरी, आख़िरी पलो में तेरा होना ज़रूरी है। ये ख़्वाहिश है मेरी, आख़िरी पलो में तेरा होना ज़रूरी है।
उस बेवफ़ा का चेहरा देखो लगता बहुत मासूम है, उस बेवफ़ा का चेहरा देखो लगता बहुत मासूम है,
जो कहना हो कह दो बस एक ही है ज़िंदगानी। जो कहना हो कह दो बस एक ही है ज़िंदगानी।
सच कहती हूं मैं, पूछ लो यहां के गुलशन और गलियों से। तेरे बिन मुझे मुश्किल है रहना। सच कहती हूं मैं, पूछ लो यहां के गुलशन और गलियों से। तेरे बिन मुझे मुश्किल...
खुदा की नेमत, कुदरत की फनकार हो तुम लेखन की शैली,रूप का श्रृंगार हो तुम! खुदा की नेमत, कुदरत की फनकार हो तुम लेखन की शैली,रूप का श्रृंगार हो तुम!
मैं क्या जानूँ क्या क्या है इस खत में, कि तस्वीर मेरी उभरी है मोहब्बत में, मैं क्या जानूँ क्या क्या है इस खत में, कि तस्वीर मेरी उभरी है मोहब्बत में,