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Sudershan kumar sharma

Drama Inspirational

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Sudershan kumar sharma

Drama Inspirational

पिता

पिता

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पिता ही होता बच्चों का संसार, 

सुनता हर पल बच्चों की पुकार, 

निर्भर इस पर सारा परिवार

पिता ही होता बच्चों का संसार। 

इसके बिना नहीं चलता तनिक गुजारा, 

पिता ही होता घर का पालनहारा, 

करता बच्चों की हर फरमाइश वो पूरी,

चाहे कितनी भी हो मजबूरी, 

हर पल बांटे वो प्यार मेला हो या त्यौहार, 

पिता ही होता बच्चों का संसार। 


थका मांदा जब घर को आए

भूख प्यास उसे खूब सताए

फिर भी बच्चों को प्यार से बुलाए, 

अपने साथ खाना खिलाए, 

फिर घुमाने बाजार को ले जाए,

कंधों पर बिठा के बांटे खूब प्यार,

पिता ही है बच्चों का संसार। 

रात को जब बच्चों को सुलाता, 

नन्ही नन्ही कहानी सुनाता

चुम्मा चाटी ले ले बुलाता

हमें पापा बहुत ही भाता, 

थपकी दे दे बांटे प्यार

पिता होता बच्चों का संसार। 


बाजार से पापा जो कुछ लाता

सबसे पहले हमें खिलाता, 

उसको कभी न लालच भाए, 

हमें खिला कर खुद वो खाए 

कोई नहीं बांटे ऐसा प्यार

पिता होता बच्चों का संसार। 

हम को पापा जान से प्यारे, 

हम हैं उनके चांद सितारे

आओ हम प्रण ये पाए

कभी न हम उनको सताए

हर इच्छा उनकी पूरी करवाए

देंगे हम उनको ढेर सा प्यार

पिता ही होता बच्चों का संसार। 



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