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अजनबी ऊँचा ख़ुद अकेले अधूरा ही रह गया पहचान पापा सहारे रंगत बात धरातल बोझ दौड़ो प्यार मेरे प्रिय पिताजी अजीब थाम कर कंधों पर बोझ क्यूं चले गए इतना जल्दी हिंदी कविता पर

Hindi कंधों Poems