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पंख ख़ुद बात रंगत दर्द मेरे प्रिय पिताजी तस्वीर प्यारी धरातल पंजों ऊँचा अनवरत घर क्यूं दोस्ती अधूरा ही रह गया पर थकना पहचान क्यूं चले गए इतना जल्दी

Hindi कंधों Poems