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पर अजीब पंख मेरे प्रिय पिताजी हिन्दी कविता प्यार कर्तव्य घर अधूरा ही रह गया नन्हे पांव बात ऊँचा धरातल अनवरत दोस्ती तस्वीर क्यूं चले गए इतना जल्दी दर्द पापा क्यूं

Hindi कंधों Poems