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SANDIP SINGH

Romance

4  

SANDIP SINGH

Romance

पायल

पायल

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पायल के संग आबरी हो जाती है और रंगीन,

दिलदारों के दिल पर चल जाती है मामले संगीन।


श्रृंगार के अनुपम श्रेणी में सजती है पाजेब,

इसको पहनकर बाबरी बन जाती है खिताब।


रूप रंग में सजी पाजेब प्यार की है निशानी,

मोहब्बत करने वालों का यही है शानी।


कोई गुलबदन पहन कर पांवों में पाजेब,

चलती जब झनकाती,

 दिलों को कर देती वह घायल झांझर सा।


पांवों की सुन्दरता में पाजेब चार_चांद लगा देती है,

किसी भी कोमल काया को अप्सरा बना देती है।


पिया का अपने प्रेमिका के लिए दिल दरिया से निकला प्रेम निशानी पायल है,

यह कहानी प्यार करने वालों में अत्यधिक वायरल है।


पायल_पायल की झंकार सुनकर,

करने लगी है बेसब्री से इंतजार ।


नाचे गोरी जब पहन पायल तो,

पायलों की झनकार से मस्त धुन छूटे।


आज भी मेरे पहले उपहार को,

मेरी प्रियतमा पांवों में सजा रखी है।



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