STORYMIRROR

Kusum Joshi

Drama

3  

Kusum Joshi

Drama

नव वर्ष

नव वर्ष

1 min
383

नव प्रांगण के नव मधुबन का,

नव किसलय नव जीवन का,

नए समय की आशा में हम,

स्वागत कर लें नव वर्ष का।


नया-नया सा समय सुखद हो,

नए-नए से अनुभव हों,

नई-नई हों इच्छाएं,

और नया संकल्प सुदृढ़ हो।


नया जोश हो, नए इरादे,

और समय से हों नए वादे,

भूल कटुता बीते दिन की,

प्रेम की दे दें नई सौगातें।


जीवन की नई राह चुनें हम,

बढ़ चलें कदम ना कभी रुकें हम,

तोड़ बेड़ियां बंधन सारे,

अम्बर को छू ले अपना मन।


नव पथ के नव आरम्भ का,

नई चुनौती, नए संघर्ष का,

नए उत्साह के साथ आज हम,

स्वागत कर लें नव वर्ष का।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama