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पौरूष परिहार

Drama Tragedy

5.0  

पौरूष परिहार

Drama Tragedy

नफरत

नफरत

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ये नफरत का बीज

जाने कहाँ से आया


किसने इसको बोया

किसने इसको खाद लगाया।


कब फली-फुली इसकी शाखाएँ

जाने कब रुप वृछ का इसने पाया।।


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