STORYMIRROR

Yogesh Kanava

Abstract Others

3  

Yogesh Kanava

Abstract Others

नैनों की कारीगरी

नैनों की कारीगरी

1 min
125

मेरे दिल पर कर गयी जादूगरी

 तेरे नैनों की देखी कारीगरी 

कजरारी कजरारी दो अँखियाँ 

दोनों ही जैसे मद भरी

पलकें झुकी बन जाएँ क़यामत 

देखी इनकी अजब बाजीगरी 

मदीरा सी छलकाए तेरी अँखियाँ 

उस पर बातें तेरी ये रस भरी 

अधरों से जो ना कही गयी 

दृग बाणों ने वो बात कही

दिल पर मेरे क्या कुछ गुज़रे

 आँखों की ये कैसी मसखरी

कितनों के ही दिल चाक हुए 

किस पर अब ये दुधारी चली


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract