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jagjit singh

Abstract

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jagjit singh

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जरा अश्कों का याद कीजिए

जरा अश्कों का याद कीजिए

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शायद हम दोनों, भूली हुई याद है, 

चलिए, कोशिश तो कर सकते हैं,,

याद करने के लिए,, शायद,


कभी, यहा थे, जरा, याद करते हैं, 

इस राह से,, गुजरे होंगे, याद करे, 

मंजिल पहुंचे होंगे, याद करते हैं, 


कहीं पे जुदाई हुई है, जरा याद करे,, 

हो सकता है, कि हम एक दूसरे का राह और मंजिल थे, 

जरा याद करे, 

हम, एक, दुसरों का अश्क का इम्तिहान लिए, 


जरा याद करते हैं,, 

एक दूसरे का हाथ, कभी, कहीं थामे थे, 

जरा याद करते हैं,, 


एक, दूसरों को देखते गुमसुम खड़े थे,

जरा याद करते हैं,अब, मैं यहा गुमसुम खड़ा हूँ,

आप को याद करते हुए, जरा याद कीजिए।


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