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pratibha dwivedi

Tragedy Others

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pratibha dwivedi

Tragedy Others

मरने के बाद

मरने के बाद

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पंछी उड़ जायेगा यादें रह जायेंगी 

रोती बिलखती नम आँखें रह जायेंगी।

जितनी खुशी देना है साँसों के चलते दे लो,

जीते जी रुलाओगे तो यादें जीवन भर रुलायेंगी।


फिर लौट के ना आयेगा मरने के बाद कोई।

फिर ना मिलेगी उससे, माफी कभी कोई।

आत्मा में गम फिर ऐसा समायेगा। 

गम से छुटकारे की सूरत, मिलेगी ना कोई।


यादों का बवंडर आँखों में उतर आयेगा।

जाने वाला तो जैसे तैसे चला जायेगा।

मलाल रहेगा जीवन भर, काश की कतारें होगी,

संतुष्टि का मंजर फिर, कभी ना मिल पायेगा।


अपनों के जिंदा रहते ही, उनकी खुशी की वजह बनो

मुश्किलें हजार झेलो शिकवा ना दिल में रखो

मरने के बाद क्रिया कर्म करने से क्या होगा

जीते जी उनका आशीष मिले सूरत ऐसी रखो

जीते जी उनका आशीष मिले सूरत ऐसी रखो ।



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