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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

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अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

मंहगा सौदा है प्यार का

मंहगा सौदा है प्यार का

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अच्छा सिला है प्यार का,

आदमी नहीं है काम का,

दौलत शोहरत की चाहत,

महंगा सौदा है प्यार का।


कोई तवायफ से प्यार कर बैठा,

किसी का प्यार तवायफ बन बैठा।

निभाने की हद प्यार की कवायद है,

लेकिन प्यार शिकायत बन बैठा।


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