STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Abstract Tragedy Inspirational

4  

Hardik Mahajan Hardik

Abstract Tragedy Inspirational

ये कैसी

ये कैसी

1 min
241

ये कैसी दुनिया है,

माँ-बेटी, बहन

ये कैसी दुनिया है,

हर जग अंधकार  

न जाने कहा होता,

प्रहार कब किधर 

लापरवाह कानून,

ये कैसी दुनिया है,

हर जगह देखो दरिंदे

फिर रहे लापरवाह,

और कब तक बेपरवाह

होगी सरकार,

ये कैसी दुनिया है,

कब तक अंधा कानून 

चलाती रहेगी,

कब तक माँ-बेटी बहन

दरिंदों की दरिंदगी में

पिसती रहेगी,

ये कैसी दुनिया है,

कब तक इस दुनिया में

दरिंदे बेख़ौफ़ घूमते रहेंगे 

ये कैसी दुनिया है ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract