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Dinesh Dubey

Romance Tragedy

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Dinesh Dubey

Romance Tragedy

आखिरी मुलाकात

आखिरी मुलाकात

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नम आंखो से उसने मुझसे,

अलविदा कहा था,

दुबारा न मिलने की उसने,

खूब सजा दिया था,


में तो रहता था अपनी मस्ती में,

उस मस्ती का मजा दिया था उसने,

उसके जाने के बाद अहसास हुआ,

उसके न होने का, 


एक ही झटके में दिल तार तार,

हुआ था मेरा,

जब आखिरी मुलाकात का,

अहसास हुआ था,


तब उसके प्यार का मुझको भी,

खूब याद आया था,

उसको याद कर पूरी रात,

जार जार मैं खूब रोया था।


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