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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama

मिलन की आग

मिलन की आग

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डूब रहा हूँ गम की गहराइयों में,

भटकता हूँ प्यार की तनहाइयों में।

तुझे देखता हूँ रोज़ रात ख्वाबों में,

फ़िर भी न मिल पाता हूँ तुझे मैं।

खड़ा हूँ नज़र डालकर गलियों में,

तड़पता हूँ तेरी आहट सुन के मैं।

मिलन की आग में जल रहा हूँ मैं,

तुझे देखने को तरसता रहा मैं।

न करो देर आ जाओ जीवन में, 

दिल की दूरी मिटाऊंगा मिलकर मैं।

इकरार करता हूँ तेरे प्यार का मैं,

"मुरली" तू बस जा सदा मेरे दिल में।



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