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Pankaj Prabhat

Drama Romance Fantasy

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Pankaj Prabhat

Drama Romance Fantasy

मेरी प्यास हो तुम

मेरी प्यास हो तुम

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बहुत खास हो तुम, एक एहसास हो तुम,

जिसमे हर रंग हो जज्ब, हसीन ख्वाब हो तुम,

भोर की ताजगी हो तुम, शाम की दिलनशी तुम,

है शरीर में काया तेरी, पर मेरी साँस हो तुम।


इन बरसों के साथ में, कई लम्हे यादगार हुए,

कुछ झगड़ो में बीते, कुछ मिसाले प्यार हुए,

तेरे रंग से रंगी हुई है, तेरी संग से सजी हुई है,

जीवन भाषा हो तुम, मेरी अभिलाषा हो तुम।

बहुत खास हो तुम, एक एहसास हो तुम,


तेरे मुकाबिल जब हुए, दुनिया के काबिल हुए,

तेरे अक्स के साये को, अपने में शामिल किए,

तेरी बातों को शेर किया, तेरे हँसी को काफिया,

पंकज की खुशबू हो तुम, प्रभात की प्यास हो तुम।

बहुत खास हो तुम, एक एहसास हो तुम।


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