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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance Tragedy

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राहुल द्विवेदी 'स्मित'

Romance Tragedy

मेरे ख्वाबों में रात आयेगा

मेरे ख्वाबों में रात आयेगा

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कत्ल मेरा यूँ' कर गया जालिम।

दिल में मेरे उतर गया जालिम।।


याद बनके वो' खुशबुओं जैसा

जेह्न-ओ-दिल सब में' भर गया जालिम।


मेरे ख्वाबों में' रात आयेगा

करके वादा मुकर गया जालिम।


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