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Dr Lalit Upadhyaya

Drama

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Dr Lalit Upadhyaya

Drama

मेरा मित्र

मेरा मित्र

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ऐसा वो मेरा मित्र,

जो जीवन के खिंचे चित्र।

यादें उसकी है विचित्र,

मेरा प्यारा सोलमेट मित्र।


दोस्त सच्चा वही होता है,

दिल का साफ सही होता है।

बिछुड़ने से फिर दिल रोता है,

जब दिल किसी को खोता है।


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