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Dr Lalit Upadhyaya

Abstract Action

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Dr Lalit Upadhyaya

Abstract Action

कल्याणी है नारी

कल्याणी है नारी

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नारी तुम कल्याणी हो,

जग में तुम पहचानी हो,

पिता की जीवन संगिनी हो,

भ्राता की प्रिय भगिनी हो।


जितना तुम तपती हो,

उतना तुम निखरती हो, 

दुःख अनेक तुम सहती हो, 

दिल में माँ तुम रहती हो।


आशीर्वाद जब देती हो,

दीन दुख सब हर लेती हो,

बच्चों की रक्षा करती हो,

झोली खुशियों से भरती हो ॥



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